Monday, October 22, 2018

संस्कार जो रख गए गिरवी - बेस्ट हिंदी लघु कहानी | Best Hindi Story With Moral

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बहु घर के काम निपटाने के बाद, अम्मा जी और मेरें पैरों की मालिश कर दिया करों।
मम्मी जी मुझसे इतना काम नही होता है, मैं घर के काम में बहुत थक जाती हूँ।
अरे! अभी तुम्हें महीना भर न हुआ और तुम हमें जबाब देने लगी, अम्मा जी बुजुर्ग है, और तुम उनके पैरों की मालिश करने को मना कर रही हो।
आप कर दिया कर उनके पैरों की मालिश, आप तो अभी एकदम ठीक हो।
शर्म नही आती बड़ो को जबाब देते हुए। यही संस्कर दिए है तुम्हें तुम्हारी माँ ने।
संस्कार! लेकिन वो आपने मांगा कहाँ था।
शादी के पाँच दिन पहले आपने जो समान की लिस्ट भेजी थी, उसमे संस्कार तो कहीं भी नही लिखा था।
आपकी मांग को पूरा करने के लिए जब मेरी माँ ने अपने गहने और पापा ने जमीन गिरवी रखी तो मैंने भी उनके दिए हुए संस्कार गिरवी रख दिये है।




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