Friday, September 28, 2018

आरएसएस का इतिहास, क्यों लगा था आरएसएस पर तीन बार प्रतिबंध | आरएसएस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें - Famous Hindi

RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) को आज के समय में बहुत बड़ी हिन्दू वर्चस्व वाली पार्टी मानी जाती है। आरएसएस का मुख्य उद्देश्य भारत को हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखना और अखण्ड भारत का सपना पूर्ण करने ही है। आईये जानते है आरएसएस का इतिहास क्या है? कैसे हुई आरएसएस की स्थापना? आरएसएस से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें। क्यों लगा था आरएसएस पर प्रतिबंध वो भी तीन बार?




Rss
RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh)

आरएसएस की स्थापना और मुख्य उद्देश्य

RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) की स्थापना आजादी से बहुत पहले ही 27 सितंबर साल 1925 में आरएसएस के फाउंडर – डॉ हेडगेवार द्वारा की गई थी। जिन्हें 19 दिसम्बर साल 1926 में संघ का प्रमुख चुना गया। आरएसएस – RSS के अनुसार उनके संघ का उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र के रुप में देखना और अखण्ड भारत का सपना पूर्ण करना है, जिसे लेकर आरएसएस आज तक चल रहा है।

क्यों लगा था आरएसएस पर तीन बार प्रतिबंध

RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर अब तक तीन बार प्रतिबंध लग चुका है।

RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर पहली बार प्रतिबंध महात्मा गांधी की हत्या के बाद 1948 में लगा। जिसके चलते आरएसएस के 17,000 स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया गया। लेकिन आरोप साबित न होने से ये प्रतिबंध हटा लिया गया।




RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर दूसरी बार प्रतिबंध 1975 में आपातकाल के दौरान लगा। और फिर भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आते ही इसे हटा लिया गया।

RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर तीसरी बार प्रतिबंध 1992 में लगा जब आयोध्या में बाबरी मज्जिद के ढ़ाचे को गिराया गया। आरोप साबित न होने से ये प्रतिबंध हटा लिया गया।

आरएसएस के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सम्बन्ध

आरएसएस को सत्ताधारी पार्टी भाजपा का बहुत ही गहरा संबंध माना जाता है। क्योंकि आरएसएस के ज्यादातर प्रचारक रहे नेता भाजपा में है। और भाजपा को आरएसएस से प्रभावित भी माना जाता है।

आरएसएस के बारे में महत्वपूर्ण बातें

आरएसएस के संबंध नाथूरामगोडसे से भी बताए जाते थे लेकिन इसे कोई भी कोर्ट में साबित नही कर पाया।
साल 1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान आरएसएस की भूमिका से प्रभावित नेहरु जी ने आरएसएस को गणंतत्र दिवस की परेड में शामिल होने का न्योता भी दिया था।
साल 1977 में आरएसएस के बुलावे पर उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल का उद्घाटन किया था।
आरएसएस में पहले हिंदी और मराठी में प्राथर्ना होती थी लेकिन अब संस्कृत में भी होती है।
आरएसएस की किसी आर्मी की तरह ही अपनी खुद की ड्रेस, ध्वज व बैंड भी है।
आरएसएस को स्थापित हुए 93 साल हो गए।
भारत में आरएसएस की 55 हजार से ज्यादा शाखाएँ है और देशभर में आरएसएस से 50 लाख से भी ज्यादा स्वयंसेवक जुड़े हुए है।
आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है।

      अभी इस पोस्ट को शेयर करें और लोगो को बताये RSS - आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rashtriya Swayamsevak Sangh) के बारे में।       



0 Comments

Post a Comment